दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग के अध्यक्ष/जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शनिवार को ग्राम पंचायत बावई और मयकोटी में विलेज लीगल एड क्लीनिकों का शुभारंभ किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने फीता काटकर दोनों क्लीनिकों का उद्घाटन किया। इस दौरान दोनों ग्राम पंचायतों में विधिक जागरूकता एवं विधिक साक्षरता शिविर भी आयोजित किए गए।
सचिव पायल सिंह ने कहा कि इन क्लीनिकों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के निकट ही निःशुल्क एवं सुलभ विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। यहां पात्र व्यक्तियों को विधिक परामर्श, प्री-लिटिगेशन स्तर पर विवादों का समाधान, लोक अदालत, मध्यस्थता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की “Effective Implementation of Poverty Alleviation Schemes, 2015” योजना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
सचिव ने बताया कि बावई विलेज लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से आसपास के लगभग 10 गांवों तथा मयकोटी क्लीनिक से भी करीब 10 गांवों के लोगों को नियमित विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इन क्लीनिकों में भूमि एवं राजस्व विवाद, सरकारी योजनाओं के आवेदन, महिला एवं बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशा उन्मूलन, मोटर दुर्घटना प्रतिकर और श्रमिकों के अधिकार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। पराविधिक स्वयंसेवक (PLVs) ग्रामीणों को आवेदन तैयार कराने और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने में भी सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान वन महोत्सव सप्ताह के तहत पौधारोपण अभियान भी चलाया गया। इस अवसर पर बांज, पांगर, पदम, त्रिलोच और पुतली सहित स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। सचिव पायल सिंह ने सभी से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में रिटेनर अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी, ग्राम प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।











