दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत रुद्रप्रयाग जनपद सहित प्रदेश की पात्र एकल (निराश्रित), विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, किन्नर, एसिड अटैक पीड़ित एवं अपराध पीड़ित महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को उनके निवास क्षेत्र में ही स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हो।उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र महिलाएं विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवेदन कर सकती हैं। योजना से संबंधित दिशा-निर्देश, पात्रता एवं आवेदन पत्र विभागीय वेबसाइट के अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालयों से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन 14 अगस्त 2026 को सायं 5 बजे तक संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में केवल पंजीकृत डाक के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित तिथि के बाद अथवा अपूर्ण आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रस्तावों के चयन अथवा निरस्तीकरण का अंतिम अधिकार महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक एवं उपाध्यक्ष के पास सुरक्षित रहेगा।
योजना के लिए प्रमुख पात्रता-
- आवेदक उत्तराखंड की मूल अथवा स्थायी निवासी महिला हो।
- आयु 21 से 50 वर्ष के बीच हो।
- महिला एकल (निराश्रित), विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, किन्नर, एसिड अटैक पीड़ित, अपराध पीड़ित अथवा अवयस्क बच्चों की जिम्मेदारी निभाने वाली हो।
- परिवार की वार्षिक आय ₹72,000 या उससे कम हो।
आवश्यक दस्तावेज-
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान पत्र
- शपथ पत्र
- नोटरीकृत स्व-घोषणा पत्र
- बैंक पासबुक की प्रति
किन्हें नहीं मिलेगा लाभ-
- सरकारी अथवा अर्द्धसरकारी कर्मचारी।
- अन्य किसी स्वरोजगार योजना का लाभ ले रही महिलाएं।
- पूर्व में इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुकी महिलाएं।
इन क्षेत्रों में मिलेगा स्वरोजगार का अवसर-योजना के तहत कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां, बागवानी, नर्सरी, कुक्कुट पालन, बकरी एवं भेड़ पालन, मत्स्य पालन, खाद्य एवं फल प्रसंस्करण, जलपान गृह, चाय-नाश्ता केंद्र, टिफिन सेवा, कैंटीन एवं कैटरिंग, बुटीक, वस्त्र निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, सौंदर्य प्रसाधन व्यवसाय, डाटा एंट्री, कंप्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग, टेली कॉलिंग, हिंदी कॉल सेंटर, जनरल स्टोर, प्लम्बिंग, इलेक्ट्रिशियन सहित विभिन्न लघु व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
₹2 लाख तक की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक अनुदान-योजना के तहत अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजना स्वीकृत की जा सकती है। परियोजना लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹1.50 लाख तक विभाग द्वारा अनुदान दिया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी। अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। अनुदान तीन किश्तों में जारी होगा। प्रथम किश्त 50 प्रतिशत, द्वितीय 30 प्रतिशत तथा तृतीय 20 प्रतिशत होगी। प्रत्येक किश्त के अनुरूप लाभार्थी को भी अपना निर्धारित अंशदान जमा करना होगा। प्रथम किश्त मिलने पर लाभार्थी को परियोजना लागत का 12.5 प्रतिशत अपने बैंक खाते में स्वयं की बचत, ऋण अथवा अन्य वैध स्रोत से जमा करना अनिवार्य होगा।
छह माह में शुरू करना होगा व्यवसाय- प्रथम किश्त प्राप्त होने के छह माह के भीतर स्वरोजगार प्रारंभ करना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में व्यवसाय शुरू नहीं करने पर प्राप्त अनुदान राशि पर प्रतिमाह एक प्रतिशत साधारण ब्याज सहित वसूली की जाएगी, जिसे भू-राजस्व बकाया की भांति वसूल किया जाएगा।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा चयन-योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर वार्षिक लक्ष्य के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे तथा यह योजना उत्तराखंड के सभी जनपदों में लागू रहेगी।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने पात्र महिलाओं से समय रहते आवेदन करने और सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।











