दस्तक पहाड़ न्यूज चमोली।पहाड़ में सरकारी भवनों की बदहाली ने एक बार फिर एक अनमोल जान ले ली। चमोली जनपद के नारायणबगड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की जर्जर बाउंड्री वॉल गिरने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य विभाग, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।
जानकारी के अनुसार, बीते 25 जून को हुई भारी बारिश के दौरान अस्पताल परिसर की बाउंड्री वॉल मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। शनिवार को दीवार की मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी स्वयं मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। तभी पहले से कमजोर और खोखली हो चुकी दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। हादसे के तुरंत बाद अस्पताल के कर्मचारियों, स्थानीय व्यापारियों और आसपास मौजूद लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से बाहर निकालकर डॉ. डिमरी को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
डॉ. नवीन चंद्र डिमरी (लगभग 45 वर्ष), पुत्र श्री सच्चिदानंद डिमरी, ग्राम देवलधार, पोस्ट देवलधार, थाना गोपेश्वर, जनपद चमोली के निवासी थे। वे अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मरीजों के प्रति समर्पण के लिए क्षेत्र में बेहद सम्मानित थे। उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। इस हृदयविदारक घटना ने पहाड़ों में सरकारी अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक भवनों की जर्जर स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल भवनों की सुरक्षा का समय-समय पर तकनीकी परीक्षण कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रदेशभर के जर्जर सरकारी भवनों का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पहाड़ में जर्जर सरकारी भवनों की अनदेखी का सिलसिला अब भी यूँ ही चलता रहेगा, या इस दर्दनाक हादसे से कोई सबक लिया जाएगा?


पहाड़ की बदहाली ने ली









