Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

उत्तराखण्ड में ‘बाहरी’ जंगली जानवर छोड़े जाने की आशंका ! चिंता जताती पूर्व सीएम हरीश रावत की पोस्ट

दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।।

उत्तराखंड में बढ़ते जंगली जानवरों के हमलों के बीच एक नई और चौंकाने वाली आशंका ने बहस छेड़ दी है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया मंच पर चिंता जताते हुए संकेत दिया है कि राज्य में दिखाई दे रहे कुछ जंगली जानवर स्थानीय प्रजातियों से भिन्न हो सकते हैं। उन्होंने इस विषय को गंभीरता से जांचे जाने की आवश्यकता बताई है।

Advertisement Box

दरअसल, हाल के महीनों में पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों से बंदर, लंगूर और भालुओं के असामान्य व्यवहार और बढ़ती संख्या की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह ऐसे झुंड देखे गए हैं जिनकी शारीरिक बनावट और आक्रामकता स्थानीय वन्यजीवों से अलग प्रतीत होती है। भालुओं की बनावट को लेकर भी ग्रामीणों ने बड़ा अंतर बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पारंपरिक रूप से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले भालुओं के शरीर पर घने और लंबे बाल होते हैं तथा उनके चेहरे या गले पर सफेद निशान नहीं होता। लेकिन हाल के हमलों में दिखे अधिकांश भालू अपेक्षाकृत कम बालों वाले बताए जा रहे हैं, जिनके गले और चेहरे के नीचे सफेद धारी या निशान दिखाई दे रहा है। ग्रामीण इसे स्थानीय प्रजाति से अलग विशेषता मान रहे हैं और इसी वजह से आशंका जता रहे हैं कि ये भालू बाहरी क्षेत्र से लाए गए हो सकते हैं।

उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि यदि किसी अन्य राज्य से जंगली जानवर पकड़कर उत्तराखंड के जंगलों में छोड़े जा रहे हैं, तो यह न केवल पर्यावरणीय संतुलन के लिए खतरनाक है बल्कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को भी और गंभीर बना सकता है। उन्होंने सरकार और वन विभाग से इस दिशा में तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की है।विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी क्षेत्र की पारिस्थितिकी बहुत संतुलित होती है। बाहरी प्रजाति या अलग आबादी के वन्यजीवों का अचानक प्रवेश स्थानीय वन्यजीवों के व्यवहार, भोजन श्रृंखला और मानव बस्तियों की सुरक्षा पर असर डाल सकता है। यदि ऐसी कोई गतिविधि वास्तव में हो रही है, तो यह वन्यजीव संरक्षण नियमों और अंतरराज्यीय वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इधर, पहाड़ी जिलों में इस वर्ष भालू और बंदरों के हमलों में बढ़ोतरी ने पहले ही लोगों की चिंता बढ़ा रखी है। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों, स्कूल जाते बच्चों और अकेले चल रहे बुजुर्गों पर हमलों की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोग इसे “नए तरह के जंगली जानवरों” की बढ़ती मौजूदगी से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि फिलहाल ऐसी किसी आधिकारिक ट्रांसलोकेशन (स्थानांतरण) की जानकारी उनके रिकॉर्ड में नहीं है, लेकिन यदि इस प्रकार की शिकायतें मिलती हैं तो वैज्ञानिक सर्वे और कैमरा ट्रैप के जरिए प्रजातियों की पहचान कराई जा सकती है।

मामला अब सिर्फ वन्यजीवों का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और पर्यावरणीय पारदर्शिता का बन गया है। हरीश रावत की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। लोगों की मांग है कि सरकार स्पष्ट रूप से स्थिति सामने रखे—क्या यह सिर्फ अफवाह है, प्राकृतिक प्रवास है या वास्तव में कोई संगठित लापरवाही?

जब तक स्थिति साफ नहीं होती, पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना और वन विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना ही फिलहाल सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।

टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया,लगभग 117 घंटे चले अभियान में 12 श्रमिकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया, 10 श्रमिकों की हुई दुखद मृत्यु
आज फोकस में

टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया,लगभग 117 घंटे चले अभियान में 12 श्रमिकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया, 10 श्रमिकों की हुई दुखद मृत्यु

संस्कृति और रंगकर्म के पुरोधा प्रो. दाता राम पुरोहित को मिलेगा इन्द्रमणि बडोनी सम्मान, बहुत बहुत बधाई
आज फोकस में

संस्कृति और रंगकर्म के पुरोधा प्रो. दाता राम पुरोहित को मिलेगा इन्द्रमणि बडोनी सम्मान, बहुत बहुत बधाई

पहाड़ी युवाओं के लिए बड़ी सौगात, घर बैठे मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, UPSC, PSC, SSC, बैंकिंग समेत कई परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराएगी सरकार
आज फोकस में

पहाड़ी युवाओं के लिए बड़ी सौगात, घर बैठे मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, UPSC, PSC, SSC, बैंकिंग समेत कई परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराएगी सरकार

मुंबई से निकला, सहारनपुर नहीं पहुंचा… रुद्रप्रयाग का अर्जुन सिंह 3 अगस्त से लापता, परिजनों ने मुंबई-सहारनपुर के प्रवासी उत्तराखंडियों से सहयोग की गुहार
आज फोकस में

मुंबई से निकला, सहारनपुर नहीं पहुंचा… रुद्रप्रयाग का अर्जुन सिंह 3 अगस्त से लापता, परिजनों ने मुंबई-सहारनपुर के प्रवासी उत्तराखंडियों से सहयोग की गुहार

सीमा पर जवान, लेकिन घर असुरक्षित ! सैनिक ने खुद सुनाई आपबीती, आखिर क्या अब सैनिक परिवार की पुकार सुनेगा प्रशासन और जनप्रतिनिधि ?
आज फोकस में

सीमा पर जवान, लेकिन घर असुरक्षित ! सैनिक ने खुद सुनाई आपबीती, आखिर क्या अब सैनिक परिवार की पुकार सुनेगा प्रशासन और जनप्रतिनिधि ?

प्रतीक्षालय बना ‘पार्किंग’, बाइकर्स युवाओं के सिविक सेंस पर उठे सवाल
आज फोकस में

प्रतीक्षालय बना ‘पार्किंग’, बाइकर्स युवाओं के सिविक सेंस पर उठे सवाल

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

मंगलवार, 18 अगस्त 2026

आज का सुविचार

आपका चरित्र आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। इसे धन, पद या प्रसिद्धि से भी ऊपर रखें। एक अच्छा चरित्र आपको वह सम्मान दिलाएगा जो कोई और चीज नहीं दिला सकती।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp