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चार दिन से जारी रेस्क्यू, अलकनंदा में गिरे युवक की तलाश में जुटी टीमें तेज बहाव बना बाधा, राकेश पवार की खोज में नहीं मिली सफलता

दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग/गोचर।। 24 मई की रात करीब 7 बजे गोचर से अपने गांव बिजराकोट लौट रहे राकेश सिंह पवार पुत्र महिपाल सिंह पवार का वाहन चम्सील गांव के समीप अनियंत्रित होकर लगभग डेढ़ सौ मीटर नीचे अलकनंदा नदी में जा गिरा। हादसे के चार दिन बाद भी न तो वाहन का कोई पता चल पाया है और न ही चालक राकेश सिंह पवार का कोई सुराग मिल सका है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, एनडीआरएफ एवं जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं और लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि अलकनंदा नदी का तेज बहाव और अधिक गहराई राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बने हुए हैं। लगातार प्रयासों के बावजूद अभी तक रेस्क्यू टीमों को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

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घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 22 वर्षीय पत्नी कविता देवी और 4 वर्षीय बेटे कान्हा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि पूरा परिवार गहरे सदमे में है और सभी लोग राकेश की सकुशल बरामदगी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खोज अभियान में विशेषज्ञ गोताखोरों और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जाए ताकि जल्द से जल्द लापता युवक और वाहन का पता लगाया जा सके।

ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह पवार, नरेश विष्ट, जयवीर सिंह, कुलदीप नेगी एवं जयदीप नेगी सहित ग्रामवासियों ने भी प्रशासन से रेस्क्यू अभियान को और तेज करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव काफी तेज होने के कारण सामान्य रेस्क्यू टीमों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए अनुभवी गोताखोरों और विशेष बचाव दल को मौके पर बुलाया जाना चाहिए।

इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन नदी का तेज बहाव अभियान में बड़ी बाधा बन रहा है। उन्होंने प्रशासन से विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद लेने और व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाने की मांग की, ताकि जल्द से जल्द लापता युवक का पता लगाया जा सके।

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शुक्रवार, 12 जून 2026

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सच्चा ज्ञान केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभव और आत्म-चिंतन में छिपा है। दूसरों की गलतियों से सीखें, अपनी गलतियों को स्वीकारें और निरंतर सुधार की प्रक्रिया में बने रहें, यही बुद्धिमानी है।

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