दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। क्षेत्र में सांस्कृतिक, कृषि एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला पांच दिवसीय मन्दाकिनी शरदोत्सव कृषि-औद्योगिक विकास मेला आगामी 9 नवम्बर से 13 नवम्बर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मेले को भव्य रूप देने के लिए आयोजन समिति तैयारियों में जुटी हुई है। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विद्यालयी प्रतियोगिताओं, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों और विभिन्न विभागों के स्टालों के माध्यम से क्षेत्र की प्रतिभा एवं विकास गतिविधियों को मंच मिलेगा।
मेला अध्यक्ष हर्षवर्धन बेंजवाल ने बताया कि मन्दाकिनी शरदोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोकसंस्कृति, परंपराओं, स्थानीय प्रतिभाओं और कृषि एवं औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों और स्कूली बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने क्षेत्र की जनता से मेले में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।मेले की संरक्षक श्रीमती आशा नौटियाल, विधायक केदारनाथ तथा उप संरक्षक श्रीमती ऐश्वर्या रावत, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग उत्तराखंड हैं। आयोजन में नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मेला संयोजक विक्रम सिंह नेगी तथा मेला सचिव रमेश बेंजवाल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख मंदाकिनी आयोजन की व्यवस्थाओं एवं तैयारियों में जुटे हैं।
मेला संरक्षक एवं विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं। मेले के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को उचित मंच मिलेगा तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
उप संरक्षक एवं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती ऐश्वर्या रावत ने कहा कि मेले में महिलाओं, महिला मंगल दलों और स्थानीय प्रतिभाओं की सहभागिता विशेष महत्व रखती है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा और हुनर प्रदर्शित करने के अवसर देने के साथ ही आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि मन्दाकिनी शरदोत्सव अगस्त्यमुनि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन है। मेले के सफल आयोजन के लिए सभी के सहयोग और सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है।
मेला संयोजक विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि मेले में पांचों दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विद्यालयी प्रतियोगिताओं और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रमों को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मेले की रौनक बढ़ाने की अपील की।
मेला सचिव रमेश बेंजवाल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख मंदाकिनी ने कहा कि मेले को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, कलाकारों और क्षेत्रवासियों का सहयोग महत्वपूर्ण है। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं से जोड़ना है।
मेले का शुभारंभ 9 नवम्बर को स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के मार्चपास्ट और झण्डारोहण के साथ होगा। इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा मेले का विधिवत उद्घाटन तथा विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के शहीदों के आश्रितों को सम्मानित किया जाएगा। महिला मंगल दलों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ लोकगायिका प्रियंका मेहर की रंगारंग प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।10 नवम्बर को विभिन्न विद्यालयों के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जूनियर वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। शाम को लोकगायक साहब सिंह समोला एवं आकांक्षा समोला अपनी प्रस्तुतियां देंगे।11 नवम्बर को सीनियर वर्ग के विद्यालयों की प्रतियोगितात्मक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद केदार कला मंच की प्रस्तुति और शाम को किशन महिपाल एवं अनीषा रांगड़ के रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।12 नवम्बर को सतेंद्र सकलानी, अनुप नेगी सहित स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। वहीं शाम को धनराज शौर्य एवं मंजू नौटियाल की प्रस्तुतियां होंगी।मेले के अंतिम दिन 13 नवम्बर को विभिन्न स्टालों का निरीक्षण, मुख्य अतिथियों का सम्मान, सौरभ मैठाणी एवं खुशी जोशी का रंगारंग कार्यक्रम तथा दोपहर 3 बजे से पुरस्कार वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही मेले का विधिवत समापन होगा।पांच दिवसीय मन्दाकिनी शरदोत्सव में क्षेत्र की लोकसंस्कृति, स्थानीय प्रतिभाओं, विद्यालयी गतिविधियों और कृषि-औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के साथ ही लोगों को मनोरंजन का अवसर मिलेगा।










