दस्तक पहाड़ न्यूज़ | अगस्त्यमुनि ll अगस्त्यमुनि नगर क्षेत्र में पेयजल संकट अब विकराल रूप लेता जा रहा है। नगर पंचायत के कई वार्डों में आए दिन पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद नगर क्षेत्र में आज भी वर्षों पुरानी पेयजल व्यवस्था के भरोसे आपूर्ति की जा रही है, जिसके चलते स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विजयनगर, बैंक कॉलोनी, वसंत विहार सहित कई वार्डों में कई-कई दिनों तक पानी की सप्लाई बाधित रहती है।विजयनगर गली नंबर तीन में एक हफ़्ते से पानी नहीं आ रहा।गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और अधिक गहरा गई है। नगर क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों की कमी होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार जल संस्थान, जल निगम और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
अगस्त्यमुनि नगर पंचायत जनपद रुद्रप्रयाग की सबसे बड़ी नगर पंचायतों में शामिल है, जहां हर साल आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया। नगर क्षेत्र के लिए पूर्व विधायक स्वर्गीय शैला रानी रावत द्वारा कड़ाकोट पेयजल योजना लाई गई थी, लेकिन केदारनाथ आपदा के दौरान वह लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद योजना दोबारा पटरी पर नहीं लौट सकी और नई योजना पर भी कोई ठोस पहल नहीं हुई।
स्थानीय निवासी मानवेंद्र सिंह नेगी, अखिलेश रावत, चंद्र प्रकाश डिमरी, मनमोहन भट्ट, रामेश्वरी देवी और संगीता राणा ने कहा कि नगर क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई मोहल्लों में लोगों को टैंकरों और निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से अगस्त्यमुनि के लिए नई और स्थायी पेयजल योजना तैयार करने की मांग की है।
वहीं वरिष्ठ पत्रकार हरीश गुसाई ने भी नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगस्त्यमुनि में पेयजल आपूर्ति लगातार अनियमित होती जा रही है। विशेषकर जब किसी परिवार में शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रम या अन्य समारोह होते हैं, तब अक्सर ऐन मौके पर पानी की सप्लाई ठप हो जाती है, जिससे परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है।उन्होंने कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए नए पेयजल स्रोत विकसित करने के साथ-साथ पर्याप्त क्षमता वाले स्टोरेज टैंक बनाए जाने चाहिए, ताकि नगरवासियों को नियमित और सुचारू पेयजल आपूर्ति मिल सके। साथ ही मंदाकिनी नदी से संचालित लिफ्ट पेयजल योजनाओं का विस्तार भी किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में बढ़ती आबादी के अनुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग उठाई है।











