दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग, 02 नवंबर। दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अभियान तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, जखोली और ऊखीमठ बाजार में मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, होटल, रिटेलर, होलसेलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 25 नमूने लिए गए।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनोज सेमवाल और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। विभाग ने प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री नहीं करने तथा मिठाई की विक्रय ट्रे पर निर्माण तिथि और उपभोग की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान सरसों का तेल, लड्डू, सोनपापड़ी, रसगुल्ला, सूती, दलिया, चीनी, पका हुआ चावल, पकी हुई दाल और पकी हुई सब्जी समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 25 नमूने एकत्र किए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।वहीं, ऊखीमठ क्षेत्र में मीट विक्रेताओं को लेकर मिली शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सत्येंद्र यादव के साथ मीट की दुकानों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक मीट विक्रेता को कड़ी चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया गया। साथ ही अन्य मीट विक्रेताओं को भी नियमों का पालन करते हुए कारोबार करने की सख्त हिदायत दी गई।खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और नमूने लेने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग की कार्रवाई से मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।










