भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान पर उठाए सवाल, कहा- सरकार जमीन नहीं बेच रही, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ा रही है
दस्तक पहाड़ न्यूज रुद्रप्रयाग, 04 नवंबर 2026। उत्तराखंड में कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान को लेकर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष रुद्रप्रयाग भारत भूषण भट्ट ने कांग्रेस के अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस भूमि संरक्षण की बात करने के बजाय अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के बजाय वर्तमान सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारत भूषण भट्ट ने कहा कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में नानीसार में 7.061 हेक्टेयर पंचायत भूमि महज 1,200 रुपये सालाना किराये पर 30 साल की लीज पर दी गई थी। इस मामले में विरोध करने वाले 381 लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। वहीं, धौलास में शैक्षणिक संस्थान के नाम पर ली गई करीब 20 एकड़ जमीन छोटे-छोटे प्लॉटों में बंटकर लगभग 80 खरीदारों तक पहुंच गई। उन्होंने कांग्रेस से अपने शासनकाल के भूमि आवंटन का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में केवल 14 प्रतिशत भूमि खेती योग्य है और पर्वतीय क्षेत्रों में महज 10 प्रतिशत खेतों तक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में वर्षों से बंद पड़ी फैक्ट्रियों, खाली सरकारी भवनों और अनुपयोगी जमीनों पर उद्योग एवं पर्यटन परियोजनाएं विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सकता है और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।उन्होंने वर्ष 2025 में उत्तराखंड पहुंचे 6.03 करोड़ यात्रियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव वाले रुद्रप्रयाग जनपद में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से टैक्सी चालकों, होटल-ढाबा संचालकों, दुकानदारों और किसानों को लाभ मिल सकता है।कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए भट्ट ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार अडानी समूह के 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का स्वागत करती है, जबकि कर्नाटक में किसानों की 1,777 एकड़ जमीन एयरोस्पेस पार्क के लिए लेने की योजना बनाई गई थी। इसके बावजूद उत्तराखंड में निवेश का विरोध किया जा रहा है।अंत में उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जिन जमीनों पर खेती संभव नहीं है और वर्षों से सरकारी भवनों एवं फैक्ट्रियों पर ताले लगे हैं, वहां पार्टी रोजगार और विकास के बजाय क्या चाहती है? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को भूमि सुरक्षा के साथ रोजगार, निवेश और विकास की जरूरत है, न कि केवल विरोध की राजनीति की।










